
मेरे दोस्त किस्सा ये क्या हो गया
सुना है के तु बे-वफा हो गया
दुवा बददुआ दे ये मुम्कुन नही,
मुझे तु दगा दे ये मुम्कीन नही खुदा जाने क्या माजरा हो गया,
सुना है के तु बे-वफा हो गया अगर मांग ले तु ओ जाने जिगर,
तुझे जान दे दू मै ये जान कर के हक दोस्ती का अदा हो गया,
सुना है के तु बे-वफा होगया
कयामत से कम यार ये गम नही
के तु और मै रह गये हम नहीं
मेरा यार मुझ से जुदा हो गया,
सुना है के तु बे व-फा हो गया मेरे दोस्त किस्सा ये क्या हो गया
सुना है के तु बे-वफा हो गया
शब्दांचा अर्थ
बेवफा= दगाबाज,जो मित्रता आदि का निर्वाह न करे
बददुआ=दुष्कामना ; शाप
दगा=विश्वासघात
मुम्कीन=शक्य
माजरा=प्रकार, मामला, विषय
जिगर= यकृत (लीवर)
कयामत=इस्लाम धर्म मान्यता अनुसार सृष्टि का अंतिम दिन
चित्रपट= दोस्ताना(१९८०)
गितकार=आनंद बक्षी
संगीतकार=लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
चित्रित= अमिताभ बच्चन,शत्रुघ्न सिन्हा,ज़िनत अमान,ई.
संकलन आणि लेखन = शेख मो.ईदरीस मो.शफी
अध्यक्ष जे.यु.सी. संगमनेर
मो.9890524092




