• नई दिल्ली, 06 दिसंबर 2020

ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन कमिटी के बैनर तले बुलाए गए भारत बंद में देशभर के 400 से ज्‍यादा किसान संगठन शामिल हैं. कांग्रेस के अलावा दूसरे राजनीतिक दलों ने भी उसे समर्थन दिया है. तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल, राजद, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और सपा ने भी भारत बंद का समर्थन किया है.

तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले ८ दिनों से हो रहे किसान आंदोलन को अब देशव्यापी आंदोलन बनाने की तैयारी है. देशभर के किसान संगठनों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है. इसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान समेत कई राज्यों के किसान संगठन शामिल हैं. कई राजनीतिक दलों ने भी इस बंद को समर्थन दिया है. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी बंद का समर्थन किया है.

ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन कमिटी के बैनर तले बुलाए गए भारत बंद में देशभर के 400 से ज्‍यादा किसान संगठन शामिल हैं. कांग्रेस के अलावा दूसरे राजनीतिक दलों ने भी उसे समर्थन दिया है. तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल, राजद, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और सपा ने भी भारत बंद का समर्थन किया है. लेफ्ट पार्टियों में सीपीआई, सीपीआईएम, सीपीआई (एमएल), RSP और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने भी बंद का समर्थन किया है.