
नई दिल्ली
भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां कोविड19 महामारी फैलाने वाले नोवल कोरोना वायरस को अलग करने में सफलता पाई है। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की चीफ न्यूरोसाइंसेज डॉ.डॉ एम वि पद्मा श्रीवास्तव ने कहा कि अब भारत सस्ती वैक्सीन बनाने की राह पर भी आगे बढ़ रहा है डॉ. श्रीवास्तव ने पिछले हफ्ते कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में शामिल हुई थीं।
कोवैक्सीन भारत का देसी कोरोना वैक्सीन है जिसे भारतीय आर्युविज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की मदद से दवा निर्माता कंपनी भारत बायोटेक बना रही है। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा, ‘मैंने पिछले गुरुवार को दिल्ली एम्स में कोवैक्सीन का पहला शॉट लिया था। अगला शॉट 28 दिन के बाद दिया जाएगा।
’55 वर्षीय डॉक्टर श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें वैक्सीन लेने के बाद से अब तक किसी का साइट इफेक्ट से गुजरना नहीं पड़ा है। दरअसल, हाल ही में ट्रायल में शामिल हुए एक अन्य वॉल्युंटियर ने साइड इफेक्ट्स की बात की थी। एम्स की योजना कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में 1,000 से ज्यादा लोगों का पंजीकरण करने की है। सूत्रों ने बताया कि 40-50 वॉल्युंटियर्स ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है जिन्हें पहला शॉट दिया जा चुका है।
(Courtesy अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया से)
