भारत और चीन के बीच फिर से कोर कमांडर स्तर की मीटिंग होगी। यह मीटिंग भारत की तरफ चुशूल में होगी। इससे पहले तीन बार कोर कमांडर स्तर की मीटिंग हो गई है। 30 जून को हुई कोर कमांडर स्तर की मीटिंग में बनी सहमति के आधार पर तनाव के चार पॉइंट्स पर भारत-चीन सैनिकों के बीच डिस-इंगेजमेंट भी हुआ है और बफर जोन बना है ताकि कोई हिंसक झड़प फिर से ना हो पैंगोंग एरिया में भी चीनी सैनिक फिंगर-4 से फिंगर-5 पर चले गए और इसी तरह भारतीय सैनिक भी फिंगर-4 से फिंगर-3 पर आ गए। इस तरह तनाव वाले इन चारों पॉइंट्स में जहां पर दोनों देशों के सैनिक एकदम आमने सामने थे वह डिसइंगेज हो गए और एक बफर जोन बन गया। हालांकि इससे भारतीय सैनिकों की पट्रोलिंग भी प्रभावित हुई है। दोनों देशों के बीच बनी सहमति के मुताबिक भारतीय सैनिक फिलहाल इन पट्रोलिंग पॉइंट्स पर सामान्य पट्रोलिंग नहीं कर पा रहे हैं।

30 जून को हुई बातचीत के बाद गलवान में पीपी-14, हॉट स्प्रिंग और गोगरा एरिया में पीपी-15 और पीपी-17 ए से भारत और चीन के सैनिक डेढ़ से दो किलोमीटर पीछे हो गए।