34 साल के सुशांत ने रविवार सुबह बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस को सुशांत के कमरे से एक फाइल मिली है, जिससे पता चलता है कि वह छह महीने से डिप्रेशन का इलाज करा रहे थे। माना जा रहा है कि इस बीच लॉकडाउन की वजह से वे शायद अपने डॉक्टर के पास नहीं जा पाए। सुशांत के मामा ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उधर, जन अधिकार पार्टी के नेता और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने सीबीआई जांच की मांग की है

जानकारी के अनुसार, सुशांत ने शनिवार रात 12:45 बजे अपने एक एक्टर दोस्त को कॉल किया, लेकिन उसने रिसीव नहीं किया। रविवार सुबह सुशांत उठे। उन्होंने करीब 9 बजे जूस पिया। इसके बाद मुंबई में ही रहने वाली अपनी बहन को फोन किया, फिर बेडरूम में चले गए। दोपहर 12:30 बजे उनके कुक ने लंच के लिए कई बार दरवाजा खटखटाया। मोबाइल पर कॉल किया। जब कोई जवाब नहीं मिला तो उनकी बहन को फोन लगाया। बहन के आने के बाद चाबी वाले को बुलाकर बेडरूम का दरवाजा खोला गया। अंदर सुशांत की लाश लटकी मिली।

सुशांत की कोराना जांच भी कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। 

सुशांत शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कहती है कि उनकी मौत हैंगिंग यानी लटकने से हुई है। फांसी लगाने के लिए कपड़े का इस्तेमाल हुआ। शरीर पर चोट या जोर-जबर्दस्ती के निशान नहीं है। 

सुशांत के भाई नीरज ने कहा कि हाथ से फिल्म जाना आत्महत्या की वजह नहीं हो सकती है। सुशांत किसी तरह की फाइनेंशियल क्राइसिस से भी नहीं गुजर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि सुशांत की शादी नवंबर-दिसंबर में होने वाली थी।

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