जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत को लेकर अमरीका में जारी विरोध प्रदर्शन थमते नहीं दिख रहे

देखिये किस तरह विरोध प्रदर्शन किया गया जॉर्ज फ्लॉयड के लिए

अफ्ऱीकी मूल के अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद अमरीका में विरोध प्रदर्शनों की जिस तरह से आग भड़की है, उस मद्देनज़र मिनियापोलिस सिटी काउंसिल के इस बयान को एक अहम क़दम के तौर पर देखा जा रहा है.सिटी काउंसिल के 13 में से नौ काउंसलर ने कहा है कि सार्वजनिक सुरक्षा का एक नया मॉडल बनाया जाएगा.इस शहर की पुलिस को नस्लवादी रवैया रखने के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है

मिनियापोलिस शहर के मेयर जैकब ने काउंसिल में आए इस प्रस्ताव का विरोध किया. हालांकि, इस विरोध के लिए लोगों ने उनकी आलोचना भी की.बहुत से लोग लंबे समय से पुलिस विभाग के ख़त्म किए जाने की मांग करते रहे हैं. ऐसे लोग इस क़दम को एक बड़े बदलाव के तौर पर देख रहे हैं.

अब विरोध प्रदर्शनों में थोड़ा ठहराव देखा जा रहा है

मिनियापोलिस में जॉर्ज फ़्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद पुलिस की बर्बरता और नस्लवाद के मुद्दे को लेकर अमरीका के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं.हालांकि अब विरोध प्रदर्शनों में थोड़ा ठहराव देखा जा रहा है और सुरक्षा के लिए एहतियाती तौर पर उठाये गए क़दमों में भी ढील दी जा रही है.सोमवार को ह्यूस्टन में जॉर्ज फ़्लॉयड का पार्थिव शरीर आम लोगों के देखने तक के लिए रखा जाएगा, जहां माना जा रहा है कि हज़ारों लोग इकट्ठे हो सकते हैं.

ऑफ़िसर डेरेक शॉविन को नौकरी से निकाल दिया गया है और उन पर सेकेंड डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया है

46 वर्षीय जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के वीडियो, जिसमें एक गोरा पुलिस अधिकारी अपने घुटने से उनकी गर्दन दबाए हुए था, वीडियो सामने आने के बाद दुनिया भर में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया था.इस वीडियो में पुलिस अफ़सर ने लगभग नौ मिनट तक अफ्ऱीकी मूल के अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ़्लॉयड की गर्दन को दबाए रखा था, जिससे उनकी मौत हो गई थी.ऑफ़िसर डेरेक शॉविन को नौकरी से निकाल दिया गया है और उन पर सेकेंड डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया है.