पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर हुई दोनों देशों के बीच लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को बयान जारी किया है। सरकार ने कहा है सीमावर्ती क्षेत्रों में ​स्थिति का हल निकालने और शांति सुनिश्चित करने और लिए दोनों पक्ष सैन्य और कूटनीतिक तौर पर जुड़े रहेंगे।

चुशुल-मोल्दो क्षेत्र में शनिवार को हुई बैठक पर विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शांतिपूर्वक हल निकालने के लिए सहमत हुए हैं। यह फैसला विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों और नेताओं के बीच हुए समझौते को ध्यान में रखते हुए लिया गया है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।

सीमा पर सड़क निर्माण रोकने की चीन की मांग को भी भारत ने खारिज कर दिया

माना जा रहा था कि इस बातचीत में भारत ने दो टूक कहा है कि अप्रैल 2020 की स्थिति सीमा पर कायम हो। वार्ता के दौरान भारत ने चीनी सेना से पीछे हटने को भी कहा है। वहीं, सीमा पर सड़क निर्माण रोकने की चीन की मांग को भी भारत ने खारिज कर दिया है। भारतीय पक्ष की ओर से बातचीत का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया था।