रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री फंड में 151 करोड़ रुपए दे सकता है तो फिर प्रवासियों को फ्री रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते?

सोनिया ने सवाल उठाया कि जब विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने का किराया नहीं लिया गया तो फिर प्रवासी मजदूरों के लिए ऐसी विनम्रता क्यों नहीं दिखाई जा सकती? सोनिया का कहना है कि जब हम गुजरात के एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपए ट्रांसपोर्ट और खाने पर खर्च कर सकते हैं, रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना फंड में 151 करोड़ रुपए दे सकता है तो फिर प्रवासियों को फ्री रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते? यह परेशान करने वाली बात है कि संकट की घड़ी में रेलवे प्रवासियों से किराया वसूल रहा है।

हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घल वापसी के लिए मजबूर हो गए। न राशन, न दवाई, न साधन, पर अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन। – कांग्रेस अध्यक्षा, श्रीमती सोनिया गांधी

Sonia Gandhi
Congress

सोनिया ने कहा है कि मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, उनकी मेहनत और त्याग देश का आधार है। 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार ऐसा संकट देखा है कि हजारों मजदूर सैंकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर घर वापसी के लिए मजबूर हो गए। जबकि उनके पास पैसा, खाने-पीने का सामान और दवा तक के इंतजाम नहीं हैं।