
मंगलवार को तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था.
उनके एक प्रवक्ता ने बताया इरफान एक मजबूत इरादों वाले इंसान थे जिन्होंने अंत तक लड़ाई लड़ी. उन्होंने हमेशा अपने करीब आने वाले लोगों को प्रेरणा दी. 2018 में असमान्य तरीके के कैंसर होने का पता लगने के बाद से उन्होंने इसके साथ आई चुनौतियों का जमकर मुक़ाबला किया और अपने जीवन को संभाले रखा. वो अपने परिवार को जिन्हें उन्होंने हमेशा बहुत प्यार किया, छोड़कर जन्नत चले गए हैं. उन्हें अपने परिवार का भरपूर प्यार मिला. वो अपने पीछे एक विरासत छोड़ गए हैं. हम सब उनकी आत्मा की शांति की दुआ करते हैं.”

मंगलवार को इरफ़ान ख़ान को कोलन इंफ़ेक्शन के चलते कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था
पिछले साल (2019) में इरफ़ान ख़ान लंदन से इलाज करवाकर लौटे थे और लौटने के बाद वो कोकिलाबेन अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में ही ट्रीटमेंट और रुटीन चेकअप करवा रहे थे बताया जाता है कि फ़िल्म ‘अंग्रेज़ी मीडियम’ के दौरान भी उनकी तबीयत बिगड़ जाया करती थी.

ऐसे में कई बार पूरी यूनिट को शूट रोकना पड़ता था और जब इरफ़ान बेहतर महसूस करते थे, तब शॉट फिर से लिया जाता था.हाल ही में इरफ़ान ख़ान की मां सईदा बेगम का जयपुर में निधन हो गया.
लॉकडाउन की वजह से इरफ़ान अपनी मां की अंतिम यात्रा में शरीक नहीं हो पाए थे.
ख़बर है कि उन्होंने वीडियो कॉल के ज़रिए ही मां के जनाज़े में शिरकत की थी.54 वर्षीय इरफ़ान न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से पीड़ित थे. वह विदेश में इस बीमारी का इलाज करवा रहे थे और हाल ही मुंबई लौटे थे.

दो साल पहले मार्च 2018 में इरफ़ान को अपनी बीमारी का पता चला था. इरफ़ान ने अपने चाहने वालों के साथ ख़ुद ये ख़बर शेयर की थी.उन्होंने ट्वीट किया था, “ज़िंदगी में अचानक कुछ ऐसा हो जाता है, जो आपको आगे लेकर जाता है. मेरी ज़िंदगी के पिछले कुछ दिन ऐसे ही रहे हैं. मुझे न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी हुई है. लेकिन, मेरे आसपास मौजूद लोगों के प्यार और ताक़त ने मुझमें उम्मीद जगाई है.”
