सेकड़ो किलोमीटर पैदल निकले मजदूर छोटे छोटे बच्चो को अपने खंदो पर ले जाते हुए

लॉकडाउन का आज चौथा दिन है और तमाम प्रयासों के बाद आज भी मजदूरों का निर्गमन जारी है। हालांकि पुलिस लोगों को इससे रोक रही है।

बस न होने के कारण अपने गांव के लिए सेकड़ो किलोमीटर पैदल निकले मजदूर

दिल्ली के गाजीपुर में निर्गमन कर रहे लोगों की भीड़ जमा हो गई है। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग सख्त होने के चलते लोग बॉडर पर ही खड़े हैं और अपने घरों की ओर जाने का इंतजार कर रहे हैं।

बस न होने के कारण घर नहीं जा पा रहा मजदूर रोने लगा

दिल्ली से लेकर नोएडा, गाजियाबाद आदि क्षेत्रों से आज भी मजदूरों का निर्गमन जारी है। उनका कहना है कि हमारी कंपनियां फैक्टरियां बंद हो गई हैं तो हमारे पास घर वापस जाने के अलावा क्या उपाय है?

अपने गांव के लिए सेकड़ो किलोमीटर पैदल निकले मजदूर
दिल्ली के गाजीपुर में निर्गमन कर रहे लोगों की भीड़ जमा हो गई है। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग सख्त होने के चलते लोग बॉडर पर ही खड़े हैं और अपने घरों की ओर जाने का इंतजार कर रहे हैं।

प्रति यात्री १००० रुपया किराया लिया

कल मैंने इंडिया टीवी पर देखा की एक बस मजदूरों से पूरी भर चुकी है उसने प्रति यात्री १००० रुपया किराया लिया जब संवाददाता ने बस ड्राइवर से पूछा तो ड्राइवर ने कहा मुझे माफ़ करो और बस लेकर पलायन कर गया अब आप ही बताईये इस कोरोना महामारी और लॉक डाउन के बीच ऐसी लूट क्या जाएज़ है? मजदूर मजबूरी होने के कारण किराया देने पर मजबूर है

दिल्ली में बांग्ला साहिब गुरुद्वारा के बाहर लोगों ने जरूरतमंदों को खाना बांटा। इसी तरह शहर के कई क्षेत्रों में लोग जरूरतमंदों को खाना बांट रहे हैं। दूसरी तरफ आज भी दिल्ली समेत एनसीआर के तमाम शहरों की सड़कें लॉकडाउन के चलते वीरान पड़ी हैं।