
यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर को रविवार को विशेष अवकाश अदालत ने 11 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है। कपूर को शनिवार सुबह ईडी ने पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया था, जांच में सहयोग न करने पर रविवार तड़के 3 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि 2 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट, 44 बेशकीमती पेटिंग्स और 12 शेल कंपनियां ईडी के जांच के दायरे में हैं

यस बैंक की मौजूदा हालत को देखते हुए रिजर्व बैंक ने देखते हुए यस बैंक के खाताधारकों को 50 हजार रुपए तक ही निकालने की इजाजत दी है। साथ ही बैंक के बोर्ड का कंट्रोल 30 दिन के लिए अपने हाथ में ले लिया है।

आरबीआई ने राणा कपूर के ऊपर कर्ज और बैलेंस शीट में गड़बड़ी के आरोप लगाए
यस बैंक के फाउंडर, पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ राणा कपूर पर कारोबारी घरानों को लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय करने का आरोप है। बैंक अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे कारोबारी घरानों को लोन देने में आगे रहा। इन समूहों के डिफॉल्टर साबित होने से बैंक को करारा झटका लगा। 2017 में बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था। जिसके बाद आरबीआई ने बैंक पर लगाम कसना शुरू की। 2018 में आरबीआई ने राणा कपूर के ऊपर कर्ज और बैलेंस शीट में गड़बड़ी के आरोप लगाए

