
मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार ‘संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन’ में बड़ा योगदान देने वाले सभी मिल मजदूरों को मुंबई में घर मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है और मुंबई का कोई भी मिल मजूदर बेघर नहीं होगा। आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि दशकों पहले मुंबई में मिलें बंद हो गईं, इसलिए सरकार विस्थापित मजदूरों को घर प्रदान कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उद्धव ने श्रमिकों से कहा-मुझे चाय पर अपने घर बुलाना विस्थापित मिल श्रमिकों के लिए पूर्व की मिल की जमीनों पर निर्मित 3,894 फ्लैटों का आवंटन करने के लिए लॉटरी के परिणाम जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने फ्लैट प्राप्त करने वालों से आग्रह किया कि वे अपने फ्लैट को आगे बेचे नहीं और मुंबई में ही रहें। ठाकरे ने कहा,‘परिवार के बड़े सदस्य के नाते मैं आपसे बातचीत करने आया हूं। मैं मिल मजदूरों के समर्थन को लेकर उनके कर्ज में हूं। जब आपको आपके फ्लैट का अधिकार मिल जाएगा, वहां खुशी से रहना और मुझे चाय पर बुलाना।’

म्हाडा ने मुंबई में बंद पड़ी तीन मिलों की जमीनों पर 3,894 घर तैयार किए हैं। बॉम्बे डाइंग टेक्सटाइल मिल की जमीन पर 720 घर, बॉम्बे स्प्रिंग मिल की जगह पर 2,630 घर और परेल स्थित श्रीनिवास मिल की जमीन पर 544 घर बनाए हैं। गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र अव्हाड ने कहा कि म्हाडा अगले 4 साल में मुंबई में 50 हजार किफायती घरों का निर्माण करेगी।
