दिल्ली में बीते तीन दिनों में हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है जबकि कुल 189 लोग घायल हैं। तीन दिन के बाद आज दिल्ली में हालात सामान्य हैं, लेकिन कुछ इलाकों से छिटपुट पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल ने राजधानी के हालात को चिंताजनक बताते हुए गृहमंत्री को सेना बुलाने के लिए खत लिखा है। केंद्र सरकार ने हालात को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी अब एनएसए अजित डोभाल को सौंप दी है।

दिल्ली पुलिस के पांच आईपीएस आधिकारियों का तबादला

दिल्ली में हिंसा की बढ़ती घटनाओं और लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच पांच आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। जिन अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है उनमें एसडी मिश्रा, एमएस रंधावा, पी मिश्रा, एस भाटिया और राजीव रंजन शामिल हैं। 

भारत की राजधानी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को ले कर हुई हिंसा पर अमेरिकी सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के साथ ही मीडिया इन घटनाओं की भी खबरें दे रहा है. अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने कहा कि भारत में धार्मिक असहिष्णुता में वृद्धि भयावह है. जयपाल ने ट्वीट किया, ‘लोकतांत्रिक देशों को विभाजन और भेदभाव बर्दाशत नहीं करना चाहिए या ऐसे कानून को बढ़ावा नहीं देना चाहिए जो धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करता हो.’ उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया देख रही है.’ गौरतलब है कि सीएए को लेकर दिल्ली में हुई हिंसा में 20 लोगों की जान चली गई और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं.सांसद एलन लोवेन्थाल ने भी हिंसा को ‘नैतिक नेतृत्व की दुखद विफलता’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘‘हमें भारत में मानवाधिकार पर खतरे के बारे में बोलना चाहिए.’

priyanka gandhi

सोनिया गांधी ने मांगा गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली हिंसा पर देरी से कार्रवाई करने को लेकर उनका इस्तीफा मांगा है। उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली हिंसा एक सोचा-समझा षडयंत्र है। यह हमने दिल्ली चुनाव के दौरान भी देखा था। केंद्रीय नेतृत्व और दिल्ली सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए सोनिया गांधी ने पांच सवाल पूछे हैं।
1– पिछले रविवार से गृहमंभी कहां थे और उन्होंने क्या कदम उठाए?
2- दिल्ली के सीएम क्या कर रहे थे?
3- दंगे वाले इलाके में कितनी फोर्स भेजी गई?
4- पैरामिलिट्री फोर्स बुलाने में इतनी देर क्यों हुई?
5- दिल्ली चुनाव के बाद खुफिया विभाग के पास क्या इनपुट थे?