
मुंबई. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नए झंडे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। झंडे में शिवाजी महाराज की मुहर के इस्तेमाल को लेकर चुनाव आयोग ने राज ठाकरे की पार्टी को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस संभाजी ब्रिगेड और मराठा महासंघ की ओर से पत्र मिलने के बाद आयोग की ओर से जारी किया गया है, जिसमें कहा गया था कि झंडे में शिवाजी महाराज के प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल गलत यह उनका अपमान है। इस झंडे के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया जाए और मनसे पर कार्रवाई की जाए।
संभाजी ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की बात कही थी
इससे पहले संभाजी ब्रिगेड ने इस झंडे के खिलाफ पुणे के स्वारगेट पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें झंडे को जब्त करने और मनसे अध्यक्ष पर कार्रवाई की बात कही गई थी। साथ ही संभाजी ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष संतोष शिंदे ने कहा था कि अगर मनसे इस झंडे को वापस नहीं लेती तो उनका संगठन अपने स्टाइल में कार्रवाई करेगा।

कुछ दिनों पहले मनसे ने बदला था अपना झंडा
शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की जयंती पर राज ठाकरे ने अपनी पार्टी का झंडा बदला दिया था। ठाकरे ने एमएनएस के चार रंग के झंडे को नया रूप दिया गया है। ये नया झंडा पूरी तरह से भगवा रंग का है। इस झंडे में छत्रपति शिवाजी महाराज के शासनकाल की राजमुद्रा भी प्रिंट की गई है और उस पर संस्कृत में श्लोक लिखा गया है- ‘प्रतिपच्चन्द्रलेखेव वर्धिष्णुर्विश्ववन्दिता, शाहसूनो: शिवस्यैषा मुद्रा भद्राय राजते।’
इसका अर्थ होता है- ‘शाहजी के पुत्र शिवाजी की इस मुद्रा की कीर्ति नए चंद्रमा की तरह बढ़ेगी। पूरी दुनिया द्वारा इसकी पूजी की जाएगी और यह केवल लोगों की भलाई के लिए चमकती रहेगी।’ मालूम हो कि इससे पहले एमएनएस के झंडे में भगवा, नीला और हरा रंग था।

