
सर्वोच्च न्यायालय ने नागरिकता संशोधन कानून को चुनौती देने वाली केरल सरकार की याचिका पर केंद्र को समन जारी किया है। राज्य सरकार ने 13 जनवरी को यह विवाद दायर किया था। शीर्ष अदालत ने यह समन अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल के जरिए केंद्र को भेजा है। राज्य सरकार का कहना है कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 का उल्लंघन है। आरोप है कि यह संविधान के धर्मनिरपेक्षता के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन करता है।
वहीं दूसरी तरफ, सरकार ने मंगलवार (4 फरवरी) को बताया कि संशोधित नागारिकता कानून (सीएए) के विरोध में दिल्ली में हिंसा, गैर कानूनी रूप से भीड़ जुटने, पत्थर फेंकने और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाये जाने की घटनाएं सामने आई। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि राजस्थान जैसे कुछ राज्यों की विधानसभाओं में सीएए के खिलाफ पारित प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और केरल सरकार ने उच्चतम न्यायालय में एक वाद दायर किया है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस के अनुसार, सीएए के विरोध में प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, गैर कानूनी रूप से भीड़ के जमा होने, पत्थर फेंकने और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाये जाने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि अब तक सीएए का विरोध करने वाले 66 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और हिंसा के संबंध में 11 मामले दर्ज कर 99 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
